UP : 3 रॉटविलर कुत्तों ने महिला को 30 जगह काटा
कानपुर में तीन रॉटविलर कुत्तों ने 55 साल की महिला को दौड़ा-दौड़ाकर 30 जगह काटा। उसके पूरे शरीर को बुरी तरह नोच डाला। कुत्तों से बचने के लिए महिला भागकर सड़क पर पहुंची तो कुत्तों ने यहां भी उसे घसीट लिया। महिला कांग्रेस नेता के भाई के घर अपनी सहेली के साथ किसी काम से पहुंची थी।
स्थानीय लोगों और एक डिलीवरी बॉय की बहादुरी से महिला की जान बच सकी। उसे इलाज के लिए पहले कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, ये ग्रेड-3 डॉग बाइट है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अगर 10 मिनट और मदद नहीं मिलती तो महिला की मौके पर ही मौत हो सकती थी। घटना शनिवार शाम चकेरी थाना क्षेत्र स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी की है। नियम के मुताबिक, रॉटविलर कुत्ते को पालने के लिए नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। घाऊखेड़ा की रहने वाली गीता के भांजे ने बताया कि उनकी मामी किसी जमीन-जायदाद से जुड़े काम के सिलसिले में अपनी सहेली नीलम के साथ शनिवार शाम 6.30 बजे गई थी। कांग्रेस नेता अजय बिग के भाई अशोक बिग के घर पहुंचते ही उनके तीनों कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। डिलीवरी बॉय अशोक के घर सामान देने आया था। उसने शोर शराबा सुना तो भागकर गीता के पास पहुंचा। ईंट फेंककर कुत्तों को मारा। तभी सामने पार्क में क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने भी बैट और डंडे से कुत्तों को खदेड़ा। तब जाकर कुत्तों ने महिला को छोड़ा।
सूचना पर घायल गीता की बेटी बॉबी और तेजस्वी पहुंचीं, किसी तरह मां को स्कूटी से लेकर कांशीराम अस्पताल ले गईं। जहां डॉक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। गीता के पति ज्योति प्रकाश निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। अशोक के घर के पास रहने वाली सीमा दीक्षित ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचीं तो गीता खून से लथपथ पड़ी थीं। कुत्तों के हमले में उनके कपड़े तक फट गए थे। उन्होंने अपने दुपट्टे से उनके शरीर को ढका।
रतन गुप्ता ने बताया कि इलाके में इन कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। बच्चे पार्क में खेलने से और राहगीर रास्ते से गुजरने से कतराते हैं। करीब छह महीने पहले 5 साल की बच्ची को भी कुत्तों ने नोचा था। कुत्तों को अक्सर खुले में छोड़ दिया जाता है, जिससे वे सड़कों पर आने-जाने वालों को दौड़ा लेते हैं।
कुत्ते आसपास के बंगले में रहने वालों के हैं, इसलिए लोग खुलकर विरोध नहीं कर पाते। रतन ने बताया कि अगर महिला की जगह कोई छोटा बच्चा होता तो उसकी मौत हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन से बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कुत्तों के मालिक अशोक ने कहा- महिला घर के अंदर उस कमरे में गई थीं, जहां तीनों कुत्ते मौजूद थे। कमरे से बाहर निकलते समय किसी कारणवश कुत्ते उग्र हो गए। महिला के हाथ में एक बैग था और संभवतः उन्होंने उससे खुद को बचाने या कुत्तों को दूर करने की कोशिश की, जिसके बाद कुत्तों ने हमला कर दिया।
घायल की बेटी तेजस्वी जायसवाल ने कहा- मां अपनी सहेली नीलम के साथ एक परिचित के घर गई थीं, जहां दो से तीन बड़े कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। मां की सहेली नीलम उन्हें अकेला छोड़कर भाग गई। पहले कांशीराम अस्पताल और फिर डे हॉस्पिटल में इलाज कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलट अस्पताल रेफर करना पड़ा।
हम लोगों ने पुलिस में शिकायत दी है। दूसरी बेटी नवोदिता ने कहा- मां के साथ गई नीलम ने हमले के दौरान कोई मदद नहीं की और सिर्फ तमाशा देखती रहीं। जिस घर में घटना हुई, वहां मौजूद लोगों ने भी बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। स्थानीय लोगों ने हमें घटना की सूचना दी थी।

