फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, इमारतें गिरीं,19 की मौत
फिलीपींस में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इमारतों में ज्यादातर दुकानें, दफ्तर और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप के पास समुद्र में था। यह सारंगानी प्रांत के मासीम कस्बे से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर आया। अधिकारियों का कहना है कि यह इस साल फिलीपींस में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
भूकंप के बाद सुनामी भी आई। सबसे ऊंची लहर की ऊंचाई 1.4 मीटर (करीब 4.6 फीट) रही। एहतियात के तौर पर इंडोनेशिया और मलेशिया ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे कुछ घंटों बाद वापस ले लिया गया।
फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान (फिवोल्क्स) ने बताया कि स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे तक 138 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। इन झटकों की तीव्रता 1.3 से 6.7 के बीच रही।
7 लाख से ज्यादा आबादी वाले बंदरगाह शहर जनरल सैंटोस में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यहां कई इमारतों में दरारें आ गईं, कुछ छोटी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं और एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक शहर में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई और करीब 130 लोग घायल हुए हैं।
दक्षिण कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बालुत द्वीप समेत अन्य दक्षिणी इलाकों में भी 9 लोगों की मौत हुई। इनमें कुछ लोग गिरते मलबे, एक क्षतिग्रस्त मस्जिद और भूस्खलन की चपेट में आ गए।
अधिकारियों ने बताया कि जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल इमारत के गिरने की खबर के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। आशंका जताई गई कि कुछ छात्र मलबे में फंस सकते हैं। वहीं पुलिस के अनुसार शहर में कम से कम 7 लोग लापता हैं।
सोमवार को गर्मी की छुट्टियों के बाद देशभर के सरकारी स्कूल खुले थे। दक्षिणी क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक सुबह ध्वजारोहण समारोह में शामिल 100 से ज्यादा छात्रों को हल्की चोटें आईं, जबकि कई बच्चे घबराहट के कारण बेहोश हो गए।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव अभियान शुरू करने को कहा है।

