गलियों में नाव, घरों में पानी… गंगा में आई बाढ़
लखनऊः उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में के साथ-साथ पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा नदी में लगातार पानी बढ़ता जा रहा है. आलम यह है कि लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं. कई इलाकों में तो लोग घर की पहली मंजिल छोड़ छतों पर रहने को विवश हैं. प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी में गंगा नदी का वाटर लेवल लगातार बढ़ता जा रहा है. वाराणसी के कई घाट जलमग्न हो चुके हैं, जिसके चलते शवदाह तक में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वाराणसी में डूबे कई घाट
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्टर लगभग 65 मीटर से अधिक पहुंच गया है और यह तेजी से बढ़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रति घंटा गंगा नदी का जलस्तर करीब 6 सेंटीमीटर बढ़ रहा है. बढ़ते पानी के चलते कई निचले घाट मंदिर और रास्ते जलमग्न हो चुके हैं. वहीं एहतियात के तौर पर प्रशासन ने गंगा में नौका संचालन पर भी फिलहाल रोक लगा रखा है. साथ ही एनडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है. बताया जा रहा है कि गंगा नदी का जलस्तर इस सीजन में अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गया है. गंगा आरती के लिए निर्धारित स्थल भी पानी में डूब गया है.
प्रयागराज में बारिश और बाढ़ के चलते करेली के गढ्ढा कॉलोनी में लोगों की मुसीबत बढ़ गई है. गलियां और नाले जलमग्न हो चुके हैं. घरों में पानी घुस चुका है. दर्जनों परिवारों ने घर की पहली मंजिल पर शरण ले रखी है. मौके पर बचाव और राहत के लिए एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल रखा है. एनडीआरएफ मोटर बोट के जरिए लोगों को घरों से सुरक्षित बाहर निकाल रही है. बाढ़ ग्रस्त इलाके से निकलकर लोग अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं. या फिर बाढ़ राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं. मौके पर एसीपी अतरसुइया करेली थाना पुलिस फोर्स के साथ मौजूद हैं. आलम यह है कि गलियों में मोटर बोट चलाई जा रही है. करेली, जॉर्ज टाउन, छोटा बघाड़ा और राजापुर गंगानगर इलाके में जल भराव हो गया है.

