पूर्व मंत्री धर्मवीर सिंह अशोक बसपा से निष्कासित
बुलंदशहर, बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्मवीर सिंह अशोक को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन पर समाजवादी पार्टी (सपा) के संपर्क में होने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
बसपा जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रधान ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया। बताया जा रहा है कि अशोक जल्द ही सपा में शामिल हो सकते हैं, जिसके पहले ही बसपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
धर्मवीर सिंह अशोक बुलंदशहर के पूर्व एमएलसी और मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनकी गिनती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं में होती है। वह बसपा संस्थापक कांशीराम के भी काफी नजदीक रहे थे।
पिछले कुछ सालों से वह पार्टी में हाशिये पर चल रहे थे और किसी भी पार्टी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे थे। तभी से उनके किसी अन्य दल में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अशोक जल्द ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। उनकी सपा सांसद रामजीलाल सुमन के साथ औपचारिक बातचीत भी हो चुकी है। सपा को भी पश्चिमी यूपी में एक बड़े दलित चेहरे की तलाश है।
वह आगामी दिनों में मुजफ्फरनगर में होने वाली सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की रैली में विधिवत रूप से पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस बात की भनक लगते ही मायावती ने उनके निष्कासन के निर्देश दिए।

