यूपी में एक लाख आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती होगी
यूपी के सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर 1 लाख नए कर्मचारियों की भर्ती होगी। साथ ही, पहले से काम कर रहे 2.75 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी भी 8 से 15 हजार रुपए तक बढ़ाने की तैयारी है।
चुनावी साल में 5 महीने पहले भी योगी सरकार ने 2.75 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई थी। तब 8 से 10 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई थी। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) 30 अगस्त से पहले काम शुरू कर देगा। मुख्यमंत्री खुद उद्घाटन करेंगे। शासन के एक अधिकारी के मुताबिक, सरकारी विभाग अब अपने स्तर पर कर्मचारियों की जॉइनिंग के लिए सीधे किसी एजेंसी का चयन नहीं करेंगे। वो विभाग में कर्मचारियों की संख्या, कितने और कर्मचारियों की जरूरत है? उनकी सैलरी का स्ट्रक्चर क्या होगा? ये सब आउटसोर्स निगम को लिखकर देंगे। इसके बाद निगम GeM पोर्टल के जरिए एजेंसी का चयन करेगा।
पहले क्या गड़बड़ी थी – पहले कर्मचारियों की नियुक्तियां ठेके पर अलग-अलग एजेंसियां कर रही थीं। आरोप लग रहे थे कि कर्मचारियों का शोषण हो रहा था। उन्हें न तो समय पर वेतन मिल पाता था और न ही तय मानदेय।
- हर महीने 5 तारीख तक मिलेगा मानदेय- नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय हर महीने की 5 तारीख तक उनके बैंक खाते में पहुंच जाएगा। अगर कोई वेंडर कंपनी समय पर मानदेय का भुगतान नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। अगर किसी कंपनी के खिलाफ लगातार तीन बार से ज्यादा शिकायत सही पाई जाती है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
- महीने में 26 दिन काम, साप्ताहिक अवकाश- आउटसोर्स कर्मचारियों से महीने में 26 दिन काम लेने का प्रावधान है। कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग भी दी जाएगी। महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव दी जाएगी।
- PF, ESI और मेडिक्लेम की सुविधा- मानदेय के साथ 13% EPF (एम्प्लॉयीज़ प्रोविडेंट फंड) और 3.25% ESI (एम्प्लॉयीज़ स्टेट इंश्योरेंस) की राशि भी समय पर जमा करनी होगी। निगम की ओर से यह भी देखा जाएगा कि कर्मचारियों के मानदेय के साथ EPF और ESI की राशि समय पर जमा हो रही है या नहीं। इसके अलावा मेडिक्लेम और एक्सीडेंटल बीमा की सुविधाएं मिलेंगी।
- मृत्यु पर ₹15 हजार की अंत्येष्टि सहायता- सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 15 हजार रुपए की अंत्येष्टि सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है।
कर्मचारियों का सिलेक्शन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। नई नियुक्तियों में अनुसूचित जाति (SC) को 21%, अनुसूचित जनजाति (ST) को 2%, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण दिया जाएगा।
इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। वहीं, सरकारी विभागों में पहले से काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा। टेंडर की शर्तों के मुताबिक उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।
इन 10 विभागों में सबसे ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी
- नगरीय निकाय
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
- चिकित्सा शिक्षा
- ऊर्जा
- परिवहन
- महिला एवं बाल कल्याण
- कृषि
- औद्योगिक विकास
- एमएसएमई
- श्रम विभाग
आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीद है कि नया निगम सिर्फ भर्ती और वेतन की व्यवस्था ही नहीं करेगा, बल्कि वेंडर्स से जुड़ी पुरानी शिकायतों पर भी रोक लगाएगा। कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से इस तरह की शिकायतें आती रही हैं-
जॉइनिंग से पहले पैसे लेना : कुछ वेंडर्स नौकरी देने से पहले कर्मचारियों से 1 से 2 महीने का मानदेय एडवांस में ले लेते हैं।
मानदेय में कटौती : कई जगह कर्मचारियों के मानदेय का 10 से 20% हिस्सा नकद वापस लेने की शिकायतें सामने आती हैं।

