यूक्रेन ने काला सागर में डुबो दिया रूस का जहाज
कीव: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट इंटरसेप्टर तकनीक देने और उन्हें खुद बनाने की इजाजत से इनकार कर दिया है. ट्रंप के यूक्रेन के ऊपर से हाथ खींचते ही रूस ने यूक्रेन पर अब तक के सबसे भीषण हमलों में से एक कर दिया. रूस ने रातभर में 27 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन यूक्रेन सिर्फ एक मिसाइल को ही मार गिरा सका. बाकी 26 मिसाइलों ने कीव समेत कई शहरों में भारी तबाही मचा दी. इस हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए. जवाब में यूक्रेन ने भी काला सागर में रूस के एक विशाल कंटेनर जहाज को डुबो दिया. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि देश के पास अब पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी हो गई है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कि रूस लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है. जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की कि पैट्रियट सिस्टम गोदामों में रखने के बजाय अभी यूक्रेन को दिए जाएं, क्योंकि हर इंटरसेप्टर लोगों की जान बचा सकता है.
ट्रंप के यू-टर्न ने बढ़ाई मुश्किल
कुछ सप्ताह पहले नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका यूक्रेन को खुद पैट्रियट इंटरसेप्टर बनाने की इजाजत दे सकता है. लेकिन अब कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील तकनीक देना आसान नहीं है और अमेरिका को बेहद सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी तकनीक का गलत इस्तेमाल होने का जोखिम पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसी फैसले के कुछ घंटे बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला कर दिया. राजधानी कीव के अलावा सूमी, खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया. हमले में एक 22 वर्षीय पुलिसकर्मी की भी मौत हो गई, जो लोगों को बचाने के दौरान दूसरी मिसाइल की चपेट में आ गया. इस हमले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि रूस की ओर से दागी गई 27 बैलिस्टिक मिसाइलों में से सिर्फ एक को ही यूक्रेन रोक पाया. बाकी लगभग सभी मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं. इससे साफ हो गया कि यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर चुका है और पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी अब सीधे जानलेवा साबित हो रही है.
रूस के हमले के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन ने काला सागर में बड़ा जवाब दिया. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस के प्रतिबंधित कंटेनर जहाज ‘यानिना’ (Yanina) को डुबो दिया. करीब एक लाख टन क्षमता वाला यह जहाज रूस की सप्लाई चेन और युद्ध संचालन के लिए अहम माना जाता था. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अब उन सभी ठिकानों और संसाधनों को निशाना बना रहा है, जो रूस की युद्ध मशीन को जिंदा रखे हुए हैं. उनके मुताबिक हमला यूक्रेन में डेवलप किए गए ‘मिडिल-स्ट्राइक’ हथियारों से किया गया.
कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने भी माना कि जहाज काला सागर में दो यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोन की टक्कर के बाद डूब गया. कंपनी के मुताबिक हमला नोवोरोसिस्क बंदरगाह से करीब 130 नॉटिकल मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ. रूस ने दावा किया कि जहाज पर सिर्फ नागरिक सामान, जैसे फ्रोजन फूड और निर्माण सामग्री थी और इस हमले को उसने ‘समुद्री डकैती’ बताया. हालांकि उसने यह भी कहा कि जहाज पर मौजूद सभी 17 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया.

