UP : पुलिस की वर्दी पहनकर लूट करने वाले गैंग का खुलासा
कानपुर की कलक्टरगंज पुलिस ने एजेंसी के एजेंट से 1 लाख की लूट करने के मामले में दो आरोपियों को अरेस्ट करके हुए सोमवार को खुलासा कर दिया। कन्नौज निवासी शातिर लुटेरों ने लिफ्ट के बहाने वारदात को अंजाम दिया और कन्नौज भाग निकले थे। शातिर पुलिस की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम देते थे। इससे लोग पहले इनपर भरोसा करते और फिर ये वारदात करके फरार हो जाते। शातिरों के पास से पुलिस की वर्दी और कैप भी बरामद हुई है। जबकि पकड़े गए बदमाशों को तीसरा साथी भाग निकला, पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
एडीसीपी ईस्ट शिवा सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पकड़े गए गैंग का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विष्णुपुरी निवासी कुलदीप शर्मा एक न्यूजपेपर के घंटाघर सेंटर के एजेंट हैं। कुलदीप 29 मई को रोज की तरह अपना काम करके घर लौट रहे थे। इस दौरान उन्हें पुलिस की वर्दी में बाइक सवार और उसके पीछे दो युवक बैठे थे। बाइक सवार ने कहा कि एक युवक को मूलगंज चौराहा पर छोड़ देना। मैंने पुलिस वाला समझकर मानवता दिखाते हुए युवक को अपनी बाइक पर पीछे बैठा लिया और मूलगंज में छोड़ दिया। बाइक पर बैठने के दौरान युवक की गतिविधियां कुछ संदिग्ध लग रही थीं, युवक के उतरने के बाद उन्होंने अपनी जेब चेक की तो दंग रह गए। जेब में रखा एक लाख रुपए कैश गायब था और जेब कटी हुई थी। उन्होंने फौरन कलक्टरगंज थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में 1 मई को जांच-पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
जहां से युवक को लिफ्ट दी, वहां से मूलगंज चौराहा तक के सीसीटीवी चेक किया। पुलिस को बाइक सवार युवकों की तस्वीर मिल गई। इसके बाद बाइक नंबर और सर्विलांस की मदद से तलाश शुरू की और सोमवार को वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपियों कन्नौज के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के जगतपुर निवासी रोहित कंजड़ उर्फ भंगी उर्फ ऋषभ उर्फ रोहन और कन्नौज के दौलतपुर ठठिया निवासी बृजेश को अरेस्ट कर लिया। जबकि तीसरा साथी मौके से भाग निकला। दोनों ने पूछताछ के दौरान वारदात को कुबूल किया। दोनों के घरों से तलाशी के दौरान पुलिस की वर्दी, पुलिस की कैप, पुलिस का डंडा, 30 हजार रुपए और वारदात में इस्तेमाल बाइक को बरामद कर लिया। दोनों को सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। जबकि फरार तीसरे साथी की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पूछताछ में आरोपी रोहित ने बताया कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर और अलग-अलग नेम प्लेट लगाकर लोगों को लिफ्ट देने के बहाने अपने वाहन में बैठा लेते थे। उनकी शारीरिक गतिविधि देखकर लोग उन्हें पुलिसकर्मी मान लेते थे। उनके साथी पीछे बाइक से चलते थे।
सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद रोहित, बृजेश और उनका तीसरा साथी मिलकर मारपीट करते थे और फिर लूट की घटना को अंजाम देते थे। पुलिस ने जब रोहित का मोबाइल फोन चेक किया, तो उसमें पुलिस की वर्दी में उसकी कई तस्वीरें मिलीं, जिससे उनके अपराध करने का तरीका स्पष्ट हुआ।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वे एक जिले में अपराध करने के बाद पुलिस की तलाश से बचने के लिए दूसरे जिले में चले जाते थे। उन्होंने घंटाघर क्षेत्र में पहले रेकी की थी और उन स्थानों को निशाना बनाते थे जहां पुलिस गश्त कम होती थी।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनका आपराधिक इतिहास खंगाला। रोहित कंजड़ उर्फ भंगी उर्फ ऋषभ उर्फ रोहन के खिलाफ विभिन्न जिलों में 23 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि बृजेश के खिलाफ विभिन्न जनपदों में 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

