ईरान युद्ध नहीं चाहता’, आत्मसमर्पण नहीं करेंगे : ईरानी राष्ट्रपति
Middle East Conflict News: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता इस हफ्ते फिर शुरू हो सकती है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया कि नई बातचीत अगले दो दिनों में पाकिस्तान में हो सकती है. गल्फ, पाकिस्तान और ईरान के अधिकारियों ने भी कहा है कि दोनों देशों की टीमें इस हफ्ते फिर से बातचीत के लिए पाकिस्तान लौट सकती हैं, हालांकि तारीख अभी तय नहीं हुई है. इससे साफ है कि इस्लामाबाद में हुई पिछली असफल वार्ता के बावजूद बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. हालांकि हालात अब भी तनावपूर्ण हैं. इस्लामाबाद में बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका ने सोमवार से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजारों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.
इजरायल-लेबनान में सीधी वार्ता
इसी बीच एक और अहम घटनाक्रम में इजरायल और लेबनान ने भी सीधे बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है. वॉशिंगटन में हुई इस बैठक की मध्यस्थता मार्को रुबियो ने की. इस बैठक को उन्होंने सकारात्मक बताया गया और दोनों देशों ने आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई. दशकों से तनाव में रहे इन दोनों देशों के बीच यह एक दुर्लभ और अहम कदम माना जा रहा है. 43 साल बाद दोनों देशों के बीच वार्ता बहाली हुई है.
अमेरिका ने रखीं बातचीत की शर्तें
उधर अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए दो शर्तें रखी हैं.
- पहली शर्त यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोला जाए, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके.
- दूसरी शर्त यह है कि इस्लामाबाद में होने वाले किसी भी समझौते को ईरान के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिले.
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां सैन्य दबाव और नाकाबंदी जारी है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो रही हैं. आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह बातचीत तनाव कम करती है या हालात और बिगड़ते हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध बस खत्म होने को है.
Iran-US War: ईरान युद्ध में घायल हुए अमेरिका के 400 सैनिक
ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है. US Central Command के मुताबिक ईरान के साथ चल रहे युद्ध में करीब 400 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं. इनमें से ज्यादातर सैनिकों को हल्की चोटें आई हैं और बड़ी संख्या में जवान इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं. कुछ मामलों में गंभीर चोटें भी सामने आई हैं.
Hormuz Crisis: टोल वसूलेगा ईरान, अमेरिकी नाकेबंदी के बीच आया जवाब
ईरान-अमेरिका युद्ध: ईरान की सेना ने कहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी और ओमान सागर में देश की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग पर नए नियंत्रण तंत्र लागू कर रहा है और जहाजों से शुल्क भी लिया जा सकता है. ईरान ने साफ किया कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को उसकी शर्तों के तहत ही अनुमति मिलेगी. वहीं, अमेरिका की नाकाबंदी के कारण इस जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही पहले से काफी कम हो गई है. ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान इस रास्ते को रणनीतिक दबाव और बातचीत में बार्गेनिंग टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
Iran-China News: चीन ने ईरान को मदद देने की बात की खारिज
चीन ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उस पर ईरान को सैन्य मदद देने का आरोप लगाया गया था.चीन ने कहा कि ये सभी खबरें पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत हैं. उसके विदेश मंत्रालय के मुताबिक चीन हमेशा सैन्य उपकरणों के निर्यात में जिम्मेदारी और नियमों का पालन करता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करता है. चीन ने यह भी साफ किया कि वह इस मामले में निष्पक्ष रुख अपनाता है और किसी भी तरह से तनाव बढ़ाने का समर्थन नहीं करता.
Iran War News Update: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पर रखी अमेरिका ने शर्त
अमेरिका ने ईरान के साथ पाकिस्तान में बातचीत फिर शुरू करने के लिए दो शर्तें रखी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली शर्त यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोला जाए, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके. दूसरी शर्त यह है कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में जो भी समझौता हो, उसे ईरान के शीर्ष नेता और अधिकारी मंजूरी दें, यानि अमेरिका चाहता है कि पहले माहौल सामान्य हो और फिर किसी भी समझौते को ईरान का पूरा समर्थन मिले.

