कानपुर : नौकरानी जींस में छिपाकर ले गई 60 लाख के गहने
कानपुर में मेड जींस के अंदर 60 लाख रुपए के गहने रखकर चुरा ले गई थी। वजह यह थी कि वह बॉयफ्रेंड से शादी करना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक, चोरी करने के लिए वह छह महीनों से अमीर घर में नौकरी की तलाश कर रही थी।
16 जून को मैनपावर एजेंट के जरिए उसे दवा कारोबारी के घर मेड की नौकरी मिली। पहले ही दिन उसने घर की रेकी की और अगले दिन गहने चुरा लिए। इसके बाद नाबालिग 6 लाख रुपए का ब्रेसलेट 2 लाख रुपए में बेचकर बॉयफ्रेंड के साथ फरार हो गई। पहले लखनऊ आई, फिर दिल्ली और मुंबई होते हुए राजस्थान के माउंट आबू पहुंच गई।
इधर, मेड नौकरी पर नहीं आई तो कारोबारी को शक हो गया। विकास ने अलमारियां खंगालीं तो गहने गायब मिले। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो वह घर से खाली हाथ निकलती दिखाई दी, लेकिन कुछ दूर जाने पर अपने कपड़े ठीक करती नजर आई।
इससे पुलिस को उस पर शक हो गया। इसके बाद 25 जून को पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसे राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उस वक्त पुलिस ने CCTV जारी नहीं किए थे। 26 जून को पुलिस ने CCTV जारी किए। मामला स्वरूप नगर थाना क्षेत्र का है।
स्वरूप नगर के रहने वाले विकास शुक्ला का रेस्टोरेंट, स्वीट हाउस और आयुर्वेदिक दवा का कारोबार है। विकास ने पालतू कुत्ते की देखभाल के लिए मैनपावर एजेंट आशू गुप्ता से संपर्क किया। एजेंट के जरिए 16 जून को नजीराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग को 14 हजार रुपये पर नौकरी पर रखा गया।
कारोबारी ने उससे कहा कि कुत्ते की देखभाल के साथ घर के काम भी करने हैं। 16 जून को नाबालिग पहले दिन नौकरी पर पहुंची और उसी दिन घर की रेकी कर ली। 17 जून को उसने गहने चुराए और सफाई के बहाने घर के पिछले गेट से भाग गई।
इसके बाद वह हंसपुरम के रहने वाले बॉयफ्रेंड मो. युनूस के साथ फरार हो गई। 18 जून को काम पर नहीं आई तो कारोबारी को शक हुआ। विकास ने अलमारियां खंगालीं तो गहने गायब मिले और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जांच के दौरान पुलिस को 19 सेकेंड का एक सीसीटीवी फुटेज मिला। इसमें नाबालिग चोरी के बाद घर से खाली हाथ निकलती दिखाई दी, लेकिन कुछ दूर जाने पर अपने कपड़े ठीक करती नजर आई। इसी हरकत से पुलिस को संदेह हुआ कि चोरी का सामान उसने कपड़ों के भीतर छिपाया हो सकता है।
इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच में पता चला कि नाबालिग ने वारदात से कुछ दिन पहले अपने आधार कार्ड से नया सिम खरीदा था और उससे कई नंबरों पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने इन नंबरों को ट्रेस कर 15 से 20 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। इनमें से अधिकांश ऑटो-रिक्शा चालक और पानवाले निकले। पूछताछ में उन्होंने बताया कि युनूस नाम के लड़के ने उनसे मोबाइल लेकर बात की थी। इससे पुलिस को नाबालिग के बॉयफ्रेंड के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर दोनों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी सेंट्रल के मुताबिक, आरोपियों के पास से सोने का कड़ा, सोने के बिस्कुट, गले का हार, कान के टॉप्स, एक टूटा सोने का कड़ा, 24 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह मां के साथ घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। पड़ोस में रहने वाली महिला के घर अक्सर उसका भतीजा मो. युनूस आता था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और अफेयर शुरू हो गया। दो साल बाद घरवालों को इसकी जानकारी हो गई।
उस दिन मां ने उसे बहुत मारा, जिसके बाद उसने युनूस के साथ अलग रहने का फैसला किया। मार्च में युनूस ने अपनी मां शबनम और बहन तमन्ना को छोड़ दिया। दोनों विजय नगर में किराये पर कमरा लेकर लिव-इन में रहने लगे। युनूस कोई काम नहीं करता था, वह ही घरों में काम कर खर्च उठाती थी। शादी करना चाहते थे, लेकिन पैसे नहीं थे।
युनूस ने बड़े घरों में काम कर चोरी करने की सलाह दी। उसने मैनपावर एजेंट आशू से संपर्क किया और छह महीने से किसी बड़े व संपन्न घर में नौकरी की बात कर रही थी। इसी बीच आशू ने कारोबारी विकास शुक्ला के घर पालतू कुत्ते की देखभाल की नौकरी का ऑफर दिया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया।
चोरी से 20 दिन पहले दोनों ने काकादेव में किराये पर कमरा लिया था। 16 जून को वह नौकरी पर पहुंची। घर देखकर लगा कि यहां चोरी हो जाए तो सारे सपने पूरे हो सकते हैं। 17 जून को सफाई के दौरान उसने घर के पिछले हिस्से के दरवाजे का लॉक खोल दिया। बाद में उसी रास्ते दोबारा अंदर जाकर जेवरात चोरी किए और शक से बचने के लिए जेवर जींस में छिपाकर वहां से निकल गई।

