कांवड़ यात्रा आज से शुरू, कौन सी सड़कें-हाइवे रहेंगे बंद
आज से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है. 12 अगस्त तक चलने वाली इस विशाल धार्मिक यात्रा के लिए प्रशासन ने कई एक्सप्रेसवे, नेशनल हाइवे और सड़कों पर रूट डायवर्जन और प्रतिबंध लगाए हैं. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल रोड, गाजियाबाद-हरिद्वार नेशनल हाइवे 34 सहित अन्य सड़कों में कहां कांवड़ यात्रा और कहां फर्राटा भरेंगे वाहन, आइए विस्तार से जानते हैं.
आज सावन शुरू होने के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है. ऐसे में भोले के भक्तों की इस फौज के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं. 30 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ियों की यात्रा के लिए कई रास्ते और सड़कों के रूट डायवर्ट किए गए हैं. प्रशासन ने कई हाइवे पर कांवड़ियों की एंट्री को लेकर कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं. ताकि कांवड़ यात्रा बिना किसी दिक्कत के पूरी हो सके.(Photo: PTI)
कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-पटना हाइवे पर प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किया गया है, ऐसे में अगर आप भी 12 अगस्त तक इन रास्तों से निकल रहे हैं या कांवड़ लेने जा रहे हैं तो ट्रैफिक की एडवाइजरी को समय-समय पर पढ़ते रहें क्योंकि कांवड़ियों की संख्या के आधार पर इनमें बदलाव भी होता रहेगा.
कांवड़ यात्रा के दौरान खासतौर पर गाजियाबाद से होकर गुजरने वाले यात्रियों को आज से भारी ट्रैफिक जाम और रूट डायवर्जन का सामना करना पड़ेगा. प्रशासन ने कई फेज में ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए हैं. आज सुबह 8 बजे से दिल्ली-गाजियाबाद या इससे आगे कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रॉली, कैंटर, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि के प्रवेश पर रोक लगाई गई है. वहीं 5 अगस्त से हल्के वाहन जैसे बस, टैम्पो, कार आदि की एंट्री पर भी प्रतिबंध रहेगा.
गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच के 126 किलोमीटर लंबे कांवड़ रूट को 157 बीट और 502 स्थाई ड्यूटी पॉइंट में बांटा गया है. यहां 3,500 पुलिसकर्मी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. इस रूट पर 100 पुलिस रिस्पॉन्स वाहन (PRV), 16 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), 8 वॉच टावर, 10 कंट्रोल रूम (मुख्य कंट्रोल रूम मेरठ क्रॉसिंग पर) और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और टेथर्ड ड्रोन से निगरानी की जाएगी दिल्ली-गाजियाबाद के इन तीन कांवड़ मार्गों पर लोगों को वाहनों के साथ प्रवेश नहीं मिलेगा. इनमें 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन रोड (लोनी तक),39 किलोमीटर का कादराबाद (गाजियाबाद-मेरठ सीमा) से सीमापुरी (दिल्ली सीमा) तक का मार्ग और करीब 50 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) शामिल है. हरिद्वार, मुरादाबाद, अमरोहा और लखनऊ जाने वाले वाहनों को एनएच-9, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के जरिए भेजा जाएगा.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा के दौरान भारी और हल्के सभी प्रकार के हाईस्पीड वाहनों के लिए खुला रखा गया है. इस पर कांवड़ या यात्रा ले जाना प्रतिबंधित है. ऐसे में जो लोग वाहनों से दिल्ली से देहरादून की तरफ जा रहे हैं तो वे इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि कई रूट डायवर्जन के चलते यहां ट्रैफिक का दबाव देखने को मिलेगा. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे भी पूरी तरह खुले रहेंगे.
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है. ऐसे में दूसरे फेज में 7 अगस्त से 12 अगस्त तक इसका उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. यहां सिर्फ कांवड़ यात्री ही चल सकेंगे. इस एक्सप्रेसवे पर 30 जुलाई से ही डायवर्जन लागू है, ऐसे में भारी वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है, लेकिन 7 अगस्त तक यहां हल्के वाहनों को प्रवेश मिलेगा, उसके बाद वे भी बंद हो जाएंगे.
कांवड़ियों के लिए गाजियाबाद में ही 300 कांवड़ यात्री शिविर लगाए जाएंगे जबकि इसके आगे हरिद्वार तक इन शिविरों की संख्या दोगुनी से ज्यादा हो जाएगी. जहां कांवड़ियों को रात में ठहरने और आराम करने की सुविधा मिलेगी. इस दौरान 12 फायर टेंडर, 65 एंबुलेंस, 41 मोबाइल क्रेन, 79 हाइड्रोलिक क्रेन और 9 रिकवरी वाहन भी सुविधा के लिए मुस्तैद रहेंगे.

