ज्ञानवापी केस में नहीं हो पाया कोई समझौता, मुस्लिम पक्ष ने आते ही कह दिया कोई मीडिएशन नहीं होगा
वाराणसी: ज्ञानवापी केस को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी मध्यस्थता को लेकर हुई बैठक बेनतीजा खत्म हो गई है. मुस्लिम पक्ष ने बैठक में मध्यस्थता से इनकार कर दिया है. हिंदू पक्ष ने वहां सीधे-सीधे अपनी बात रखी और कहा कि अगर मंदिर हिंदू पक्ष को दे देते हैं तभी यह मध्यस्थता पूरी हो पाएगी, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इस बात से साफ इनकार कर दिया. यानि मध्यस्थता पूरी तरह से फेल हो गई. अब हिंदू और मुसलमान दोनों पक्षों का कहना है कि वह इस केस में कानूनी लड़ाई ही लड़ेंगे.
इससे पहले ज्ञानवापी विवाद में मीडिएशन को लेकर नया मोड़ तब आ गया, जब अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और दूसरे मुसलमान पक्षों ने मीडिएशन की बैठक में शामिल होने की बात कही थी. इससे पहले कमेटी ने बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था. मुस्लिम पक्ष का अचानक से यह फैसला लेना वाकई अहम था, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के मीडिएशन नोटिस के बाद कमेटी ने पहले इस प्रक्रिया में शामिल होने से साफतौर से इनकार कर दिया था.
न्यूज से बातचीत में अंजुमन इंतजामिया कमेटी के वकील रहीस अहमद ने कहा था कि कमेटी मीडिएशन की प्रक्रिया में शामिल होगी. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह ज्ञानवापी मस्जिद पर अपना दावा छोड़ रही है. उन्होंने साफ कहा कि कमेटी अपने कानूनी अधिकारों और अपने पक्ष पर पहले की तरह कायम रहेगी. बताया जा रहा है कि ज्ञानवापी विवाद से जुड़े चार मामलों में मीडिएशन की बैठक होनी है. इस बैठक का मकसद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालने की कोशिश करना है. मस्जिद पक्ष के इस फैसले को मामले में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
अब सभी की नजर मीडिएशन बैठक पर रहेगी कि बातचीत से कोई हल निकलता है या फिर मामला पहले की तरह अदालत में ही आगे बढ़ेगा. यह बैठक मंगलवार यानि कि आज 14 जुलाई को दिन में डेढ़ बजे बैठक होगी.

