Hindi News LIVE

दिल्ली पीजी हादसे में 22 घंटे से रेस्क्यू जारी, 12 लोगों को बचाया गया

दिल्ली में रविवार दोपहर गिरी इमारत का मलबा अभी भी हटाया जा रहा है। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को बचाया गया है।

5 लोग गंभीर घायल हैं, जिन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू डॉग और कैमरे के सहायता से लोगों की तलाश की जा रही है।

हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। गिरी हुई इमारत करीब 40 साल पुरानी थी। दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के बेसमेंट में पिछले 7 दिनों से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। बेसमेंट पहले से कमजोर था और उसमें पानी भी भरा हुआ था। खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर भी मलबे में दब गए। इमारत के पास बनी एक दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा लिया गया है। उसमें दरारें दिखाई दी हैं। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, मलबा हटाने के दौरान इस बिल्डिंग के भी गिरने का खतरा है। इसे सुरक्षित रखने के लिए सपोर्ट देने वाले पिलर लगाए जा रहे हैं। बिल्डिंग के मालिक का नाम हरिराम बंसल है, जो गुरुग्राम में रहता है। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं FIR दर्ज कर ली है।

दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि 4 मंजिल से ज्यादा वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। दोषी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में पीजी गिरने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

6 सितंबर के MCD के एक ऑर्डर में सत्य निकेतन में बनी सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों को गिराने का नोटिस लगा दिया गया है। सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई हॉस्टल हैं। इनके आसपास ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट, मोतीलाल नेहरू और मैत्रेयी कॉलेज हैं।

इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

Umh News india

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *