बाराबंकी : युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव, SHO बेहोश
बाराबंकी में 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद मंगलवार दोपहर 2 बजे बवाल हो गया। परिजन शव को लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए परिजनों पर दबाव डाला तो भीड़ ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लगा और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े।
इसके बाद पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। थाना प्रभारी को घसीटकर हाईवे से हटाया और उन्हें अस्पताल भेजा। बवाल की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। तब फोर्स ने पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ा। 2-3 लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिसकर्मी शव को अपनी कस्टडी में लेकर अंतिम संस्कार कराने गए हैं। उनके साथ लड़के के परिजन भी मौजूद हैं। हाईवे किनारे और गांव में पुलिस तैनात की गई है। करीब 2 घंटे बाद जाम खुलवाकर वाहन निकलवाए गए। बाराबंकी में सोमवार सुबह 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र जितेंद्र चौहान का शव घर के एक कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला। घर वाले आनन-फानन में उसे सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घर वालों ने प्रेम-प्रसंग को लेकर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगा रहे थे। परिजनों का कहना था कि रात में कुछ लोग घर पर आए और जितेंद्र चौहान से मारपीट की थी। इसके बाद सुबह युवक का शव फंदे से लटका मिला।
परिजनों के अनुसार, पिछले करीब एक साल से गांव की ही एक युवती से उसका अफेयर था। युवती के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे, जिसकी वजह से पहले भी दोनों परिवारों में झगड़ा हो चुका था। परिजनों का कहना है कि इन लोगों ने ही मारकर युवक को फंदे से लटका दिया।
मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद जितेंद्र का शव घर वालों को दे दिया। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। करीब 500 से ज्यादा लोग लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। हाईवे पर दोनों साइड वाहनों की लाइन लगने लगी। करीब 2 किमी तक लाइन पहुंच गई।

