खुर्जा : ग्राम प्रधानों ने की चुनाव या कार्यकाल बढ़ाने की मांग
खुर्जा में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के मद्देनजर ग्राम प्रधानों के भविष्य और पंचायतों में विकास कार्यों की निरंतरता को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले दर्जनों ग्राम प्रधान खुर्जा ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख को सौंपा।
संगठन के जिला प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रधानों ने दो प्रमुख मांगें रखीं। उनकी पहली मांग है कि 26 मई से पहले ग्राम प्रधान पद के चुनाव समय पर संपन्न कराए जाएं। यदि किसी कारणवश चुनाव संभव नहीं हैं, तो राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों की तर्ज पर वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल तब तक बढ़ाया जाए जब तक नए चुनाव न हों।
प्रधानों का तर्क है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि एडीओ (पंचायत) को प्रशासक नियुक्त किया जाता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ग्राम प्रधान जमीनी स्तर पर जनता से सीधे जुड़े होते हैं, जबकि अधिकारी कार्यालयों तक सीमित रहते हैं।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद खुर्जा की ब्लॉक प्रमुख मोनिका सिंह ने प्रधानों की चिंताओं को जायज बताया। उन्होंने कहा, “ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। खुर्जा ब्लॉक की 83 ग्राम पंचायतों के विकास में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। मैं इनकी मांगों को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री जी तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करूंगी ताकि गांव के विकास की गति न रुके।”
संगठन के जिला प्रभारी सुदेश कुमार ने महाराष्ट्र और अन्य पड़ोसी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकारों ने भी विपरीत परिस्थितियों में प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाकर विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने मांग की कि यूपी सरकार भी प्रशासक नियुक्त करने के बजाय वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर भरोसा जताए।
इस दौरान खुर्जा ब्लॉक के विभिन्न गांवों से आए दर्जनों प्रधान मौजूद रहे और एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज कुमार (संगठन अध्यक्ष, खुर्जा), बृजेश कुमार, अनिल कुमार उर्फ बबन, पिंटू उर्फ विक्रम, अजय कुमार, धीरज सोलंकी, संदीप चौधरी, राजेश देवी, विमलेश देवी, और शांतिलाल सहित कई प्रधान व प्रतिनिधि शामिल थे। संगठन ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

