योगी ने कन्या पूजन किया, पैर धोकर टीका लगाया:चुनरी ओढ़ाई, खुद खाना परोसा
शारदीय नवरात्रि की नवमी पर यूपी के मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कन्या पूजन किया।
11 कन्याओं और बटुक के पांव पखारे, चुनरी ओढ़ाकर तिलक लगाया। उनका आशीर्वाद लिया और फिर अपने हाथों से भोजन परोसकर खिलाया। इसके बाद सबको गिफ्ट दिए। सीएम योगी ने बच्चियों से बातचीत भी की। इसके पहले योगी ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की।
उधर, मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी धाम में अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके हैं। वहीं, वाराणसी के माता सिद्धिदात्री मंदिर में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। जौनपुर के चौकियां धाम में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी।
कन्या पूजन के बाद सीएम योगी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम में नया कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। कल 25 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन-पूजन किया, जबकि आज भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। देवी पाटन, सहारनपुर के मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।
योगी ने कहा कि शारदीय नवरात्रि में हर जिले में दुर्गा पूजा पंडाल सजाए जाते हैं और घरों में कलश स्थापित किए जाते हैं। नवमी पर कन्या पूजन के जरिए मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है।
उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर की परंपरा के तहत कन्या पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनका सौभाग्य है। मां भगवती का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाला है। कन्या पूजन सनातन धर्म में मातृशक्ति के प्रति सर्वोच्च सम्मान की अभिव्यक्ति है।
महानवमी के अगले दिन मंगलवार (20 अक्टूबर) को गोरक्षपीठ में विजयादशमी पर्व पर नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार दिनभर अनुष्ठान होता है। अनुष्ठान की शुरुआत मंगलवार सुबह 9:35 बजे सीएम योगी, गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा-अर्चना से करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर के देव विग्रहों का पूजन होगा। दोपहर 1 से 3 बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।
शाम 4 बजे गोरखनाथ मंदिर से योगी की पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे के बीच वह रथ पर सवार होकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे। यहां भगवान शिव और अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे।
इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां योगी प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी। शाम 7 बजे से मंदिर में पारंपरिक प्रसाद वितरण और गरीब, ब्राह्मण एवं अतिथि भोज का आयोजन होगा। इसमें जाति-मजहब और अमीरी-गरीबी के भेद से परे सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे।

