लखनऊ : 68500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया
पुलिस पर कपड़े फाड़ने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है जैसे नारे लगाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को टांगकर वहां से ले गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के ऊपर कपड़े फाड़ने अभद्रता के आरोप लगाए।
प्रदर्शन करने आए तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। आज नवमी के दिन जहां लोग पूजा-पाठ में व्यस्त हैं, वहीं हमें यहां से उठाकर इको गार्डन में बैठा दिया जाएगा। आज का पवित्र दिन वहीं गुजर जाएगा। त्योहार के समय प्रदर्शन करना बहुत दुख की बात है, मगर मजबूरी में करना पड़ रहा है।

